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à¤à¥à¤°à¥‚ण और à¤à¥à¤°à¥‚ण विकास के चरणों
के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ चरण, निषेचित अंडा à¤à¤• बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ बन जाता है, फिर à¤à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण और अंत में à¤à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण.
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के तीन सामानà¥à¤¯ चरण होते हैं। निषेचन से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की अवधि होती है, जब डिंब शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ से मिलता है, जब तक कि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¥à¤°à¥‚ण का आरोपण नहीं होता है.
गरà¥à¤ के à¤à¥à¤°à¥‚ण का चरण आरोपण के बाद की अवधि है, जिसके दौरान बढ़ते सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¯à¥€ के à¤à¥€à¤¤à¤° सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– अंग और संरचनाà¤à¤‚ बनती हैं.
à¤à¤• बार जब à¤à¥à¤°à¥‚ण पूरी तरह से बन जाता है, तो यह à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के चरण के रूप में जाना जाता है, बढ़ता है और विकसित होता रहता है। यह तब होता है जब माठशारीरिक और नेतà¥à¤°à¤¹à¥€à¤¨ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो जाती है। à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास का चरण जनà¥à¤® के समय समापà¥à¤¤ होता है.
à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के चरणों से पहले संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ अवधारणाà¤à¤‚
निषेचन
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सामानà¥à¤¯ मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° के दौरान, à¤à¤• डिंब आमतौर पर अंडाशय में से à¤à¤• (अंतिम मासिक धरà¥à¤® के लगà¤à¤— 14 दिन बाद) से जारी होता है। डिंब के इस रिलीज को ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन कहा जाता है। फिर डिंब फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡ करता है.
ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन में, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में बलगम अधिक तरल और लोचदार हो जाता है, जिससे शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ जलà¥à¤¦à¥€ से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाते हैं.
ओवà¥à¤¯à¥‚लेशन चरण के दौरान, 5 मिनट के कम समय में, शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ योनि से (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से) गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में जा सकता है और फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब तक, कोशिकाओं को लाइन करने वाली कोशिकाओं के बाद से सामानà¥à¤¯ निषेचन सà¥à¤¥à¤² होता है। फैलोपियन के निषेचन की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾.
यदि à¤à¤• शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ डिंब में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है, तो निषेचन या निषेचन होता है। छोटे सिलिया (à¤à¤• बाल जैसा) जो फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब को लाइन करता है, इस टà¥à¤¯à¥‚ब के माधà¥à¤¯à¤® से निषेचित अंडे (जाइगोट) को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में धकेलता है। जाइगोट की कोशिकाà¤à¤‚ बार-बार विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होती हैं, जब यह फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब से होकर 3 से 5 दिनों की अवधि में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती है.
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में, कोशिकाओं को विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ करना जारी रहता है, कोशिकाओं की à¤à¤• खोखली गेंद बन जाती है जिसे विसà¥à¤«à¥‹à¤Ÿ कहा जाता है। यदि निषेचन नहीं होता है, तो अंडा फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब से नीचे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक जाता है, जहां यह पतित हो जाता है और अगले मासिक धरà¥à¤® के साथ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है.
बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ का विकास
निषेचन के बाद 5 और 8 दिनों के बीच, बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के असà¥à¤¤à¤° का पालन करता है, आमतौर पर शीरà¥à¤· के पास। आरोपण नामक इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को 9 या 10 तारीख को पूरा किया जाता है.
बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ की दीवार में à¤à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को छोड़कर à¤à¤• मोटी कोशिका होती है, जहां यह तीन से चार कोशिकाà¤à¤‚ मोटी होती हैं। गाढ़े कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में आंतरिक कोशिकाà¤à¤‚ à¤à¥à¤°à¥‚ण बन जाती हैं और बाहरी कोशिकाà¤à¤‚ नाल से विकसित होकर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करती हैं। नाल कई हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को बनाठरखने में मदद करता है.
उदाहरण के लिà¤, नाल मानव कोरियोनिक गोनाडोटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है, जो अंडाशय को अंडाशय को रिलीज करने से रोकता है और अंडाशय को à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ का लगातार उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने के लिठउतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करता है। अपरा à¤à¥€ मां से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को à¤à¥à¤°à¥‚ण तक पहà¥à¤‚चाती है और à¤à¥à¤°à¥‚ण से मां को अपशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥.
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा की कà¥à¤› कोशिकाà¤à¤‚ विकासशील बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ के आसपास à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ (कोरियॉन) की à¤à¤• बाहरी परत बन जाती हैं। अनà¥à¤¯ कोशिकाà¤à¤‚ à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¤¨) की à¤à¤• आंतरिक परत बन जाती हैं, जो à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करती हैं। जब थैली का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है (दिन 10 से 12 के आसपास), बà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ को à¤à¥à¤°à¥‚ण माना जाता है.
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली à¤à¤• सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ तरल (à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ) से à¤à¤°à¤¤à¥€ है और विकासशील à¤à¥à¤°à¥‚ण को ढंकने के लिठफैलती है, जो इसके à¤à¥€à¤¤à¤° तैरती है.
à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास
इस चरण में बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर के अधिकांश आंतरिक अंगों और बाहरी संरचनाओं के गठन की विशेषता है। निषेचन के लगà¤à¤— 3 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद अधिकांश अंगों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 5 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बराबर होता है (कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° महिला के अंतिम मासिक धरà¥à¤® के पहले दिन से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तारीख तय करते हैं, आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से 2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ पहले)। फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨).
इस कà¥à¤·à¤£ से, à¤à¥à¤°à¥‚ण लंबा हो जाता है और वह कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° जो मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ बन जाà¤à¤—ा (नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब) विकसित होने लगता है। हृदय और पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ 16 दिन के आसपास विकसित होने लगती हैं। हृदय 20 दिन में रकà¥à¤¤ वाहिकाओं के माधà¥à¤¯à¤® से तरल पदारà¥à¤¥ को पंप करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है और अगले दिन पहली लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ दिखाई देती हैं.
निषेचन के बाद लगà¤à¤— सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 10 (गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 12), लगà¤à¤— सà¤à¥€ अंग पूरी तरह से बनते हैं। à¤à¤• अपवाद के रूप में, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ पूरे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बनती और विकसित होती रहती है.
अधिकांश विकृतियां (जनà¥à¤® दोष) उस अवधि के दौरान होती हैं जब अंग बन रहे होते हैं। इस अवधि के दौरान, à¤à¥à¤°à¥‚ण डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸, विकिरण और वायरस के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के लिठअधिक असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है.
इस चरण के दौरान, à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ में तैरता है जो à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली में निहित होता है। à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ निमà¥à¤¨ करता है:
à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है जिसमें à¤à¥à¤°à¥‚ण सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से बढ़ सकता है.
à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• थैली मजबूत और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ होने के बाद से à¤à¥à¤°à¥‚ण को चोटों से बचाने में मदद करता है.
à¤à¥à¤°à¥‚ण और पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा का विकास
निषेचन के बाद आठवें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के अंत में (गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 10), à¤à¥à¤°à¥‚ण को à¤à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण माना जाता है। इस चरण के दौरान, पहले से ही गठित संरचनाà¤à¤‚ विकसित और विकसित होती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की विशेषताà¤à¤‚ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 12 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में, à¤à¥à¤°à¥‚ण पूरे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को à¤à¤° देता है.
14 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के करीब, सेकà¥à¤¸ की पहचान की जा सकती है.
लगà¤à¤— 16 से 20 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला à¤à¥à¤°à¥‚ण की गति को महसूस कर सकती है.
लगà¤à¤— 24 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में, à¤à¥à¤°à¥‚ण के पास गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर जीवित रहने का à¤à¤• मौका होता है.
25 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक, à¤à¥à¤°à¥‚ण को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रखा जाता है.
सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 37 से 42 तक, शà¥à¤°à¤® हो सकता है
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय तक फेफड़े परिपकà¥à¤µ होते रहते हैं और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान नई कोशिकाओं को जमा करता है और सपने के बाद जीवन के पहले वरà¥à¤· तक.
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